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पटना पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अवैध हथियार के साथ 4 अपराधी गिरफ्तार-सोशल मीडिया पर पिस्तौल लहराने का मामला।।

"पटना पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अवैध हथियार के साथ 4 अपराधी गिरफ्तार-सोशल मीडिया पर पिस्तौल लहराने का मामला।।" ​पटना/बिहार/N5: सोशल मीडिया पर अवैध हथियार (पिस्तौल) लहराकर दहशत फैलाने और वीडियो प्रसारित करने वाले असामाजिक तत्वों पर बिहार पुलिस ने शिकंजा कसा है। पटना जिले के श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। ​मामले की पूरी जानकारी कुछ इस प्रकार की  मिली ।। 14 अगस्त 2026 को श्रीकृष्णापुरी पुलिस को सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति द्वारा पिस्तौल लहराते हुए वीडियो अपलोड कर प्रसारित किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सचिवालय 01, पटना) डॉ. अनु कुमारी के नेतृत्व में की गई छापेमारी के दौरान इस मामले में शामिल 4 अपराधियों को धर दबोचा गया। ​ इस मामले में पुलिस द्वारा की गई बरामदगी का विवरण।। गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने निम्नलिखित अवैध सामग्री और नकदी जब्त की है: ​01 अवैध पिस्तौल ​01 मैगजीन ​02 जिंदा कारतूस ​05 मोबाइल फोन ​₹15,000/- नकद...
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संपादकीय: मुफ़्त कोचिंग का वादा — राहत की पहल या जनाक्रोश को शांत करने का राजनीतिक पैंतरा?

संपादकीय: मुफ़्त कोचिंग का वादा — राहत की पहल या जनाक्रोश को शांत करने का राजनीतिक पैंतरा? ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मध्यवर्ग और छात्रों के लिए मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग का नेटवर्क तैयार करने की घोषणा ने देश भर के राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है। जहाँ समर्थकों का दावा है कि इस कदम से 'कोचिंग माफिया' पर लगाम लगेगी, वहीं विश्लेषक और छात्र संगठन इसे सरकार की घबराहट में उठाया गया नीतिगत कदम मान रहे हैं। ​ऐलान बनाम क्रियान्वयन: समयसीमा पर सस्पेंस। ​प्रधानमंत्री ने मुफ़्त कोचिंग का विचार तो सामने रखा, लेकिन यह योजना कब से धरातल पर उतरेगी, इसका कोई स्पष्ट खाका या समयसीमा जारी नहीं की गई। ​ पुराने मॉडल का उदाहरण: बैंकिंग सेवाओं के क्षेत्र में प्री-एग्जाम ट्रेनिंग (PET) जैसी मुफ़्त कोचिंग व्यवस्था पहले से ही विभिन्न परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध रही है। ऐसे में नई घोषणा में क्या मौलिक अंतर होगा, यह अभी भी अस्पष्ट है। ​ समयसीमा का अभाव: जब तक किसी नीति की आधिकारिक अधिसूचना और कार्यान्वयन की तिथि तय नहीं होती, तब तक ऐसी घोषणाएं केवल प्रशासनिक वादों तक ही...

लाल किला झूठ बोलने का स्थान नहीं, 2027 के यूपी चुनाव से ही लागू हो महिला आरक्षण: अखिलेश यादव।।

"लाल किला झूठ बोलने का स्थान नहीं, 2027 के यूपी चुनाव से ही लागू हो महिला आरक्षण: अखिलेश यादव।।" ​ नई दिल्ली/लखनऊ/N5: 15 अगस्त के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से दिए गए संबोधन में महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) का उल्लेख किए जाने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि लाल किला देश का गौरवशाली प्रतीक है और वहां से देश की जनता से झूठ नहीं बोला जाना चाहिए। ​सपा प्रमुख ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कौन नहीं जानता कि महिला आरक्षण विधेयक संसद में पहले ही पास हो चुका है। ऐसे में इस मुद्दे पर बार-बार दावे करने के बजाय इसे धरातल पर उतारने की तुरंत आवश्यकता है। ​ समाचार के मुख्य बिंदु: ​ 2027 चुनाव से लागू करने की चुनौती: अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार महिलाओं के अधिकार और भागीदारी के प्रति वाकई गंभीर है, तो इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ही लागू कर दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष और उनकी पार्टी इस कानून को तुरंत लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ​ ल...

स्कूल प्रशासन से तंग आकर पुलिस चौकी पहुंचा मासूम, लगाई गुहार- कानपुर देहात।।

स्कूल प्रशासन से तंग आकर पुलिस चौकी पहुंचा मासूम, लगाई गुहार- कानपुर देहात।। ​कानपुर देहात (उत्तर प्रदेश)/N5: ​उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से एक चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आई है, जहां एक प्राथमिक विद्यालय (Primary School) का मासूम छात्र स्कूल प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्था से तंग आकर शिकायत दर्ज कराने खुद पुलिस चौकी पहुंच गया। ​शिक्षिका पर फोन देखने और बड़े छात्रों पर मारपीट का आरोप। ​मासूम छात्र ने पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए स्कूल की अव्यवस्था की पोल खोल दी। छात्र का आरोप है कि उसकी क्लास की शिक्षिका पढ़ाई कराने के बजाय लगातार अपने मोबाइल फोन में व्यस्त रहती हैं। ​छात्र ने आगे बताया कि स्कूल के बड़े बच्चे छोटे बच्चों के साथ मारपीट और बदसलूकी करते हैं। जब इस बात की शिकायत शिक्षिका से की जाती है, तो वे कोई ध्यान नहीं देतीं और न ही कोई सुनवाई करती हैं। इसी अनदेखी और रोज-रोज की मारपीट से परेशान होकर बच्चे को आखिरकार न्याय की आस में पुलिस के पास जाना पड़ा। ​ मामले की मुख्य बिंदु: ​स्थान: कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश ​शिकायतकर्ता: प्राथमिक विद्यालय का एक छात्र ​मुख्य ...

मैंने इतना ही कहा कि चुनाव आयोग ने हमारी पार्टी को बेच दिया।"

शिवसेना(UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, "चुनाव आयोग को कोई अधिकार नहीं है।  मैंने पहले भी कहा है कि चुनाव आयोग ने शिवसेना को लेकर जो फैसला लिया है, हमारी पार्टी का चुनाव चिन्ह और नाम एक ऐसे आदमी को दिया है जिसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है, वजूद नहीं है, अस्तित्व नहीं है।  मैंने इतना ही कहा कि चुनाव आयोग ने हमारी पार्टी को बेच दिया।"

"चुनाव आयोग और शिंदे गुट पर तीखा हमला चुनाव आयोग ने हमारी पार्टी को बेच दिया- संजय राउत।"

"चुनाव आयोग और शिंदे गुट पर तीखा हमला चुनाव आयोग ने हमारी पार्टी को बेच दिया- संजय राउत।" ​ नई दिल्ली/N5: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बेहद कड़ा और हमलावर रुख अपनाया है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर जो फैसला सुनाया है, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ है। ​"अस्तित्वहीन व्यक्ति को सौंप दी गई शिवसेना" ​संवाददाताओं को संबोधित करते हुए संजय राउत ने कहा कि चुनाव आयोग को इस तरह का फैसला सुनाने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की निष्पक्षता खत्म हो चुकी है और उसने एक ऐसे व्यक्ति को पार्टी का असली नाम और निशान सौंप दिया, जिसका शिवसेना के गठन और उसके मूल सिद्धांतों से कोई ऐतिहासिक या वैचारिक संबंध नहीं है। ​"चुनाव आयोग को कोई अधिकार नहीं है। मैंने पहले भी कहा है कि चुनाव आयोग ने शिवसेना को लेकर जो फैसला लिया है, हमारी पार्टी का ...

"बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना अगले 5 वर्षों के लिए विस्तारित, ₹950 करोड़ की राशि स्वीकृत"

"बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना अगले 5 वर्षों के लिए विस्तारित, ₹950 करोड़ की राशि स्वीकृत" ​ पटना/N5: बिहार में युवाओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने और आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होने वाले विद्यार्थियों को राहत देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बिहार राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' (Bihar Student Credit Card Scheme) को अगले 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) के लिए जारी रखने की मंजूरी दी गई है। ​इस महत्वाकांक्षी योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंत्रिपरिषद ने ₹950 करोड़ की भारी-भरकम राशि के व्यय की स्वीकृति भी प्रदान की है। आकाशवाणी समाचार, पटना द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस राशि से राज्य भर के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी। ​ योजना की मुख्य विशेषताएं और लाभ इस प्रकार से हैं। ​बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना राज्य सरकार की सात निश्चय योजना के प्रमुख घटको...