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चुनावों में करारी हार के बाद विपक्ष में मची खलबली, 'इंडी गठबंधन' की होने जा रही है अहम बैठक

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चुनावों में करारी हार के बाद विपक्ष में मची खलबली, 'इंडी गठबंधन' की होने जा रही है अहम बैठक।। ​नई दिल्ली/श्रीनगर/N5: हाल ही में संपन्न हुए विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली करारी शिकस्त के बाद विपक्षी दलों के 'इंडी गठबंधन' (INDIA bloc) में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चुनावों में मिली इस बड़ी हार के बाद गठबंधन के भविष्य और आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए सभी घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। ​इस बैठक को लेकर विपक्षी खेमे से बड़ी प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।  नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर में मीडिया से मुखातिब होते हुए साफ कह रहे हैं, "...या तो ओमर अब्दुल्ला या मैं खुद इस इंडी गठबंधन (INDIA bloc) की बैठक में शामिल होऊंगा। हम इस गठबंधन का हिस्सा हैं और वहां निश्चित रूप से मौजूद रहेंगे।"   ​अंतर्विरोधों से घिरा है गठबंधन: नेतृत्व पर सवाल और चुनावी समय में 'आग उगलने' की राजनीति। ​यह वही 'इंडी गठबंधन' है जिसका मुख्य नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे हैं। हालांकि, यह गठ...

मुंगेर में RSS का भव्य पथ संचलन: अनुशासन और राष्ट्रवाद के संदेश के साथ सड़कों पर उतरे स्वयंसेवक

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मुंगेर में RSS का भव्य पथ संचलन: अनुशासन और राष्ट्रवाद के संदेश के साथ सड़कों पर उतरे स्वयंसेवक।। ​nalanda5 NEWS डेस्क, मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आयोजित 'संघ शिक्षा वर्ग' के अंतर्गत एक भव्य पथ संचलन निकाला गया, जिसने पूरे शहर को देशभक्ति और अनुशासन के रंग में रंग दिया। ​पुरानीगंज के मुख्य मार्गों से गुजरा कारवां यह भव्य पथ संचलन मुंगेर के पुरानीगंज क्षेत्र से शुरू होकर विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश (सफेद शर्ट, खाकी पैंट और काली टोपी) में भाग लिया। हाथों में दण्ड लिए और कदम से कदम मिलाते हुए स्वयंसेवकों का अनुशासन देखते ही बन रहा था। ​23 मई से 12 जून तक चल रहा है प्रशिक्षण शिविर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पथ संचलन 23 मई से शुरू हुए 'संघ शिक्षा वर्ग' प्रशिक्षण का एक हिस्सा है, जो आगामी 12 जून तक अनवरत चलेगा। इस बहुदिवसीय शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र-सेवा की भावना जागृत करना, उन्हें अनुशासित बनाना और शारीरिक व मानसिक रूप ...

NEET पेपर लीक मामला: 'कॉकरोच जनता पार्टी' 6 जून को दिल्ली में करेगी प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

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NEET पेपर लीक मामला: 'कॉकरोच जनता पार्टी' 6 जून को दिल्ली में करेगी प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।। ​विशेष संवाददाता, नई दिल्ली (N5) 4 जून 2026 ​देश में NEET, CBSE और CUET जैसी प्रमुख परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर कॉकरोच पार्टी युवाओं का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है।  सोशल मीडिया पर एक बड़े आंदोलन के रूप में उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अपनी पहली औपचारिक प्रेस वार्ता की। इस दौरान संगठन ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े और शांतिपूर्ण आंदोलन का ऐलान किया है। ​शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, प्रशासनिक फेरबदल को बताया 'दिखावा' ​प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संगठन के नवनियुक्त मुख्य प्रवक्ता और खोजी पत्रकार सौरव दास ने कहा कि सरकार द्वारा हाल ही में CBSE के अध्यक्ष और सचिव का तबादला करना महज एक 'आईवाश' (दिखावा) है।  उन्होंने कहा:  "हम व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। अफसरों के तबादलों को कार्रवाई के रूप में पे...

पटना कोचिंग विवाद: खान सर का गोलीबारी का दावा निकला बेबुनियाद, अब 'सहानुभूति कार्ड' और साजिश के लग रहे आरोप।

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पटना कोचिंग विवाद: खान सर का गोलीबारी का दावा निकला बेबुनियाद, अब 'सहानुभूति कार्ड' और साजिश के लग रहे आरोप। ​पटना (N5 ब्यूरो। पटना के चर्चित शिक्षक खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के बीच उपजा विवाद अब एक नया रूप ले चुका है। पुलिस की शुरुआती जांच में खान सर द्वारा किया गया आठ से दस राउंड गोलीबारी का दावा पूरी तरह बेबुनियाद साबित हुआ है।  पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर फायरिंग का कोई सबूत नहीं मिला है, जिसके बाद अब यह पूरा मामला महज आपसी मारपीट और हमले का बनता दिख रहा है। ​इस खुलासे के बाद अब खान सर पर ही सवाल उठने लगे हैं और मामले में एक नया नैरेटिव (विमर्श) सामने आ रहा है। ​क्या सहानुभूति बटोरने के लिए रची गई स्क्रिप्ट? ​गोलीबारी का दावा खारिज होने के बाद कोचिंग जगत और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आलोचकों और प्रतिद्वंद्वी गुटों का आरोप है कि यह पूरी घटना खान सर द्वारा खुद प्रायोजित (Self-Scripted) हो सकती है। ​चर्चाओं के अनुसार, इस विवाद को बड़ा रूप देने के पीछे दो मुख्य मकसद हो सकते हैं: 1. ​छात्रों की सहानुभूति पाना: खुद पर हमले या गोलीब...

कल्याण में तनाव: बुद्ध भूमि फाउंडेशन में प्रशासन की कार्रवाई, विरोध में बुलडोजर के सामने लेटे बौद्ध भिक्षु।।

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कल्याण में तनाव: बुद्ध भूमि फाउंडेशन में प्रशासन की कार्रवाई, विरोध में बुलडोजर के सामने लेटे बौद्ध भिक्षु।। ​N5 ब्यूरो, कल्याण (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले कल्याण से एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। यहाँ के अशोक नगर, वालधुनी क्षेत्र में स्थित 'बुद्ध भूमि फाउंडेशन' परिसर में प्रशासन द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद स्थानीय बौद्ध समुदाय और भिक्षुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।  सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। ##​बुलडोजर के सामने लेटे भिक्षु, हुआ लाठीचार्ज; ​मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक अमला जब भारी पुलिस बल और जेसीबी (Bulldozer) मशीनों के साथ वालधुनी स्थित बुद्ध मूर्ति और स्मारक परिसर में कार्रवाई करने पहुँचा, तो वहाँ मौजूद बौद्ध भिक्षुओं और स्थानीय नागरिकों ने इसका कड़ा विरोध किया। ​देखते ही देखते स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि प्रशासन को रोकने के लिए कई बौद्ध भिक्षु जमीन पर बुलडोजर के आगे लेट गए।  प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के मुताबिक, जब भिक्षुओं...

संकट में भारत का 'भौगोलिक कवच': अरावली में बढ़ती दरारें बढ़ा रही हैं पूर्वी राज्यों में रेगिस्तान का खतरा।।

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संकट में भारत का 'भौगोलिक कवच': अरावली में बढ़ती दरारें बढ़ा रही हैं पूर्वी राज्यों में रेगिस्तान का खतरा।। ​विशेष संवाददाता/N5 नई दिल्ली/जयपुर ​भारत के सबसे उपजाऊ मैदानी इलाकों—उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल—की कृषि संपन्नता के पीछे छिपे एक मौन रक्षक पर आज गंभीर संकट मंडरा रहा है।  राजस्थान के थार रेगिस्तान से उठने वाले भयानक रेतीले तूफान (Dust Storms) जब भी देश के पूर्वी हिस्सों की तरफ बढ़ते हैं, तो उनके रास्ते में दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक, अरावली एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी हो जाती है।  पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि अरावली को नहीं बचाया गया, तो उत्तर और पूर्वी भारत की अति उपजाऊ मिट्टी बहुत जल्द रेत के समंदर में बदल सकती है। ​###थार की आंधियों और गंगा के मैदानों के बीच 'द ग्रेट वॉल' ​भौगोलिक दृष्टि से अरावली पर्वतमाला गुजरात से शुरू होकर राजस्थान और हरियाणा होते हुए दिल्ली तक लगभग 692 किलोमीटर में फैली है। यह केवल पत्थरों का पहाड़ नहीं, बल्कि भारत का एक प्राकृतिक 'क्लाइमेट बैरियर' (जलवायु अवरोधक) है। ​हर साल गर्मियों के...