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जन्माष्टमी से पहले भक्ति के रंग में रंगा उधमपुर: सनातन सभा के तत्वावधान में निकली भव्य शोभा यात्रा।

जन्माष्टमी से पहले भक्ति के रंग में रंगा उधमपुर: सनातन सभा के तत्वावधान में निकली भव्य शोभा यात्रा।  उधमपुर (जम्मू-कश्मीर): श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर से पूर्व जम्मू-कश्मीर का उधमपुर शहर पूरी तरह भक्ति, उल्लास और सनातन संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आया। सनातन सभा उधमपुर द्वारा आयोजित इस विशाल शोभा यात्रा के दौरान पूरा शहर "जय श्री कृष्णा" और "हरे कृष्णा" के जयकारों से गूंज उठा। भक्तिमय माहौल में सड़कों पर उमड़े हजारों श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक आयोजन को भव्य और ऐतिहासिक बना दिया। राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे-मुन्ने बने आकर्षण का केंद्र शोभा यात्रा की सबसे सुंदर और मनमोहक झलक नन्हे-मुन्ने बच्चों की रही। सैकड़ों छोटे-छोटे बच्चे भगवान श्री कृष्ण और माता राधा की वेशभूषा में सजे हुए थे। सिर पर मोरपंख, हाथों में बांसुरी और पीले वस्त्रों में सजे ये बाल-गोपाल पूरे रास्ते आकर्षण का केंद्र बने रहे। झांकियों में जीवंत हुए श्री कृष्ण की लीलाओं के दृश्य स्थानीय धार्मिक संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा हस्तनिर्मित और सुसज्जित भव्य झांकियां इस शोभा यात्रा की मुख्...
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मथुरा से उधमपुर तक गूंजी 'जय श्री कृष्णा': सनातन की जड़ें गहरी हुई, मोदी सरकार की नीतियों का असर!

मथुरा से उधमपुर तक गूंजी 'जय श्री कृष्णा': सनातन की जड़ें गहरी हुई, मोदी सरकार की नीतियों का असर! पटना/भारत/N5: कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर, उत्तर प्रदेश के मथुरा से लेकर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उधमपुर तक, पूरा देश कृष्णमय हो उठा है। मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में सुबह मंगला आरती के साथ शुरू हुए जश्न की गूंज सुदूर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की गलियों में भी सुनाई दी, जहां सनातन संस्कृति का भव्य रूप देखने को मिला। यह केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं था, बल्कि यह भारत के प्राचीन आध्यात्मिक ताने-बाने के लचीलेपन और पुनरुत्थान का एक शक्तिशाली प्रदर्शन था, जो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत सांस्कृतिक पहचान को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। मथुरा में, जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, मंदिर के भीतर की तस्वीरें भव्यता बयां करती हैं - फूलों से सजे गर्भगृह में मूर्तियों को पीले वस्त्र पहनाए गए और दीपों की रोशनी से नहलाया गया। एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, भक्त "मंगला आरती" और "विशेष प्रार्थना" के लिए उमड़ पड़े। यह दृश्य दिव्य और ...

बिहार में उफान पर गंगा: जलस्तर खतरे के निशान के पार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा; दिए कड़े निर्देश।

बिहार में उफान पर गंगा: जलस्तर खतरे के निशान के पार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा; दिए कड़े निर्देश। पटना। बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति बेहद चिंताजनक और विकराल हो गई है। खासकर उत्तर और मध्य बिहार के तटीय जिलों के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति की गंभीरता और खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को अधिकारियों के साथ खुद गंगा नदी के तटबंधों और बढ़ते जलस्तर का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने जलभराव एवं कटाव प्रभावित इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया और प्रशासनिक अमले को तुरंत हरकत में आने के कड़े निर्देश दिए। नदियों का विकराल रूप और वर्तमान स्थिति गंगा नदी में उफान: राजधानी पटना के गांधी घाट, दीघा घाट और हथिदह समेत कई स्थानों पर गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पटना के गांधी घाट पर पानी सड़कों तक आ चुका है और कई बुनियादी ढांचे जलमग्न हो गए हैं। सहायक नदियां भी बेकाबू: कोसी...

पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पार: निचले इलाकों से पलायन तेज।

पटना में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पार: निचले इलाकों से पलायन तेज। पटना/बिहार/N5: बिहार की राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। लगातार हो रही बारिश और उपरी इलाकों से छोड़े गए पानी के कारण नदी का उफान चरम पर पहुंच चुका है। इस जलप्रलय के कारण निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्थानीय निवासियों के जीवन पर इसका भारी प्रभाव पड़ा है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। निचले इलाकों में घुसा पानी, जीवन अस्त-व्यस्त गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा और आसपास के तटीय क्षेत्रों में कई फीट पानी भर गया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि घरों में पानी प्रवेश कर जाने से खाद्य सामग्री, कपड़े और घरेलू सामान डूबकर नष्ट हो रहे हैं। पानी के तेजी से फैलाव के कारण लोग नावों और अन्य साधनों के सहारे सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। सरकारी राहत और आश्रय स्थलों की व्यवस्था प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर आश्रय स्थल (रिलीफ कैंप) बनाए गए हैं। ...

बेतिया में गंडक का तांडव: पानी घटने के साथ तेज हुआ भीषण कटाव, ताश के पत्तों की तरह ढह रहे मकान।

बेतिया में गंडक का तांडव: पानी घटने के साथ तेज हुआ भीषण कटाव, ताश के पत्तों की तरह ढह रहे मकान। बेतिया/बिहार/N5: बिहार के बेतिया जिले से आपदा का एक बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला मंजर सामने आ रहा है। गंडक नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ की विभीषिका खत्म होने के बजाय और भी जानलेवा हो गई है। नदी का पानी जैसे-जैसे नीचे उतर रहा है, वैसे-वैसे तटीय इलाकों में गंडक का कटाव अप्रत्याशित रूप से भीषण और तेज हो गया है। देखते ही देखते पक्के घर और मकान ताश के पत्तों की तरह कट-कटकर जलधारा में समा रहे हैं। पलक झपकते ही जलसमाधि ले रहे आशियाने, ग्रामीणों में चीख-पुकार कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि लोगों को संभलने का एक मौका भी नहीं मि⁹ल रहा है। सालों की मेहनत और जीवनभर की कमाई से बनाए गए पक्के-मकान कुछ ही मिनटों में बहकर गंडक में विलीन हो रहे हैं। नदी का रुख अब सीधे रिहाइशी गांवों की ओर हो गया है, जिससे पूरा गांव भीषण तबाही और खौफ के साए में जीने को मजबूर है। लोग असहाय होकर अपनी आँखों के सामने अपने घरों को नदी में विलीन होते देख रहे हैं। बेघर हो चुके परिवारों में चीख-पुकार और दहशत का माहौल है। बेघर होत...

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