नेपाल में तबाही के बाद बेघर हुए लोग: घर वापसी की आस में बेबसी का सामना। नुवाकोट/काठमांडू/N5: नेपाल से अच्छी और बूरी दोनों ख़बर है। अच्छी ये है कि तबाही के बाद लोगों की घर वापसी होने की शुरुआत हुई । और बूरी खबर ये है कि घर वापसी तो हो रही है, लेकिन ठिकाना नहीं रहा अब ये लोग क्या करें। नेपाल के नुवाकोट और आसपास के इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। कई दिनों की भयावह आपदा के बाद, जब बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होना शुरू हुआ, तो प्रभावित इलाकों में जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशें और घर वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि, इस वापसी के साथ ही एक बेहद दुखद सच्चाई सामने आई है—जिन घरों में लोग लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, अब उनका अस्तित्व ही समाप्त हो चुका है। प्रकृति के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में नुवाकोट जिले का त्रिशूली क्षेत्र शामिल है। बाढ़ के प्रकोप के बाद जब रविवार को निवासी अपने इलाकों में वापस लौटे, तो उन्हें चारों तरफ केवल मलबा, कीचड़ और मलबे के ढेर ही नजर आए। मकान पूरी तरह ज़मींदोज़ हो चुके हैं और लोगों का सब कुछ बह गया है। आप...
पीएम नरेंद्र मोदी को उज़्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओली दराजली दोस्तलिक' मिला; संबंधों में नया स्वर्ण अध्याय।
पीएम नरेंद्र मोदी को उज़्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओली दराजली दोस्तलिक' मिला; संबंधों में नया स्वर्ण अध्याय। ताशकंद / नई दिल्ली/N5: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज़्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा के दौरान भारत और उज़्बेकिस्तान के कूटनीतिक संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। ताशकंद स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामय समारोह में उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव (Shavkat Mirziyoyev) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओली दराजली दोस्तलिक' (Order of Oliy Darajali Do'stlik) से सम्मानित किया। 140 करोड़ भारतीयों और ऐतिहासिक दोस्ती को समर्पित सम्मान इस सर्वोच्च सम्मान को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद नम्रता से इसे देशवासियों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारत की 140 करोड़ जनता की कड़ी मेहनत, हज़ारों साल पुरानी महान संस्कृति और वैश्विक बंधुत्व ('विश्व बंधुत्व') की भावना का सम्मान है। उज़्बेक भाषा में 'दोस्...